भोपाल नगर निगम का नया ठिकाना: अब 10 अलग-अलग दफ्तरों के चक्करों से भोपालवासियों को मिलेगी मुक्ति

Updated on 13-04-2026 12:10 PM
भोपाल: राजधानी भोपाल में नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और जन-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। लिंक रोड नंबर-दो, तुलसी नगर में नवनिर्मित नगर निगम के अत्याधुनिक मुख्यालय भवन में विभागों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में शहर के 10 अलग-अलग क्षेत्रों से संचालित होने वाली निगम की शाखाएं अब एक ही परिसर में समाहित हो जाएंगी।नगर निगम प्रशासन ने आठ मंजिला इस भव्य इमारत में अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने के लिए कक्षों का विधिवत आवंटन कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरणों की शिफ्टिंग तत्काल सुनिश्चित करें।

जनता को बड़ी राहत

अभी तक भोपाल के नागरिकों को जल कर, भवन अनुज्ञा या अन्य प्रमाण पत्रों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में स्थित दफ्तरों में भटकना पड़ता था। अब जल कार्य, विद्युत और हाउसिंग फॉर ऑल जैसे विभागों के नए भवन में पहुंचने से आम जनता का समय और श्रम दोनों बचेगा। एकीकृत व्यवस्था से निगम के आंतरिक कामकाज में भी पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।

विभागों का फ्लोर वाइस आवंटन

  • भू-तल: यहां आमजन की जरूरत के लिए आवेदन काउंटर बनाए जाएंगे। यहां पर विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार, डिस्पेंसरी, आंचल कक्ष, स्मार्ट सिटी संपर्क, भवन अनुज्ञा संपर्क कक्ष के साथ ही राजस्व, जल कार्य, एचएफए आदि के करों के संपर्क के लिए कक्ष आवंटित किए गए हैं। साथ ही जनसंपर्क शाखा भी यहीं रहेगी।

  • पहली मंजिल: यह फ्लोर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के आवंटित है। यहां महापौर, नगर निगम परिषद अध्यक्ष, निगम के नेता प्रतिपक्ष, एमआइसी सदस्यों के साथ ही कांफ्रेंस हाल और परिषद कार्यालय रहेगा।
  • दूसरी मंजिल: यह मंजिल स्थापना, योजना, पशु चिकित्सा, जन्म-मृत्यु शाखा, राजस्व, सामान्य प्रशासन और पेंशन शाखा के लिए आवंटित की गई है।
  • तीसरी मंजिल: इस मंजिल पर आडिट, कंप्यूटर, लेखा और वित्त शाखा से जुड़े कर्मचारी बैठेंगे।
  • चौथी मंजिल: इस तल पर जल कार्य, सीवेज, एचएफए शाखा रहेगी और एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC) भी इसी तल होगी।
  • पांचवी मंजिल: यह तल यांत्रिक और योजना प्रकोष्ठ को आवंटित किया गया है। यहां निगम के इंजीनियरों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही मीटिंग हाल भी रहेगा।
  • छठवीं मंजिल: भवन अनुज्ञा शाखा के साथ ही स्पोर्ट्स सेल, सीएम हेल्पलाइन और चिकित्सा शाखा रहेगी। यहां मुख्य नगर निवेशक और नगर निवेशक बैठेंगे।
  • सातवीं मंजिल: यहां स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत मिशन, एनयूएलएम, विद्युत, जनगणना, निर्वाचन, फायर, अतिक्रमण, गार्डन, झील प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारी, कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
  • आठवीं मंजिल: भवन की सबसे ऊपर मंजिल पर निगमायुक्त, स्मार्ट सिटी सीईओ के साथ ही उनका स्टाफ की बैठक व्यवस्था रहेगी। साथ ही स्मार्ट सिटी कार्यालय भी इसी तल पर होगा।

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