इंदौर हनी ट्रैप मामले में बीजेपी की नेता हिरासत में:वीडियो-ऑडियो रिकवर कर रही पुलिस

Updated on 21-05-2026 11:57 AM
इंदौर, शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से जुड़े हनी ट्रैप मामले में इंदौर पुलिस ने एक और महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को सागर से हिरासत में ली गई इस आरोपी का नाम रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी है। इसे ही हनी ट्रैप नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है।

इससे पहले क्राइम ब्रांच ने मामले की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया था। श्वेता ने पुलिस के सामने मामले में सरकारी गवाह बनाने की इच्छा जताई है।

क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने कहा- जांच में सामने आया है कि रेशू, अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। उसने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर निवासी अलका दीक्षित से संपर्क किया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई।

अब पुलिस की प्राथमिकता रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने की है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ की गई। पुलिस को अलका से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं।

निमाड़ के नेता को भी बनाया था निशाना

जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में ही है।

जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया था। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं।

जानकारी के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही इंदौर के आजाद नगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है।

पेशी के दौरान बनाई ब्लैकमेलिंग की योजना

सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट में पेशी के लिए जाने के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं।

पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता विजय जैन ने बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद अलका नहीं मानी। श्वेता ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा भी जताई है।



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