आईएएस, आईपीएस, आईएफएस को केंद्र की नसीहत

Updated on 17-07-2026 12:15 PM
भोपाल, सरकारी बैठकों में निर्णय लेने में लेटलतीफी और लंबी व उबाऊ मीटिंग से होने नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइड जारी की है। इसमें प्रदेश में उच्च पदों पर बैठे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के लिए केंद्र सरकार ने वर्किंग को लेकर नसीहत दी है।

केंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि अपने अधिकारियों को समझाएं कि अपनी दैनिक कार्यशैली में छोटे-छोटे सुधार करें, तो इससे कार्यकुशलता, तनाव प्रबंधन और प्रशासनिक गुणवत्ता में सुधार आ सकता है।

सरकारी बैठकें अक्सर देरी से शुरू होती हैं और आवश्यकता से अधिक लंबी चलती हैं। कई बार लंबी बैठकों के बाद भी स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाते। इसमें सुधार किया जाए तो सरकारी बैठकों की नई व्यवस्था से जनता को फास्ट सर्विस मिलेगी और फाइलों के निराकरण में तेजी आएगी।

भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (ATIs) के महानिदेशकों को पत्र जारी कर कहा है कि विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों से बातचीत के दौरान यह सामने आया है कि सब्जेक्ट मैटर ट्रेनिंग के साथ-साथ सरकारी कार्यों की रूटीन प्रोसेस और व्यवहारिक पहलुओं पर भी मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इससे अधिकारी बेहतर प्रशासक और प्रबंधक बन सकेंगे।

अफसर अक्सर ओल्ड वर्किंग और आदत में बंध जाते हैं

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सेवा करने वाले अधिकारी अक्सर पुरानी कार्यशैली और आदतों में बंध जाते हैं, जिससे आत्ममंथन और सुधार की प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में हर अधिकारी को स्वयं से यह प्रश्न पूछना चाहिए कि क्या मैं हर वर्ष स्वयं को पहले से बेहतर बना रहा हूँ ? क्या मैं केवल पुरानी कार्यशैली का अनुसरण कर रहा हूँ या अपने कार्यों में सुधार का प्रयास भी कर रहा हूं?

'30 साल का अनुभव' या 'एक साल का अनुभव 30 बार'?

पत्र में कहा गया है कि सेवा के अंतिम वर्षों में कई बार यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है कि किसी अधिकारी के पास वास्तव में 30 वर्षों का अनुभव है या फिर एक वर्ष के अनुभव को 30 बार दोहराया गया है। इसलिए निरंतर सीखना और सुधार करना आवश्यक है।

बैठकों के संचालन पर जारी होगी गाइड

पत्र में बताया गया है कि राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के सहयोग से कैबिनेट सचिवालय समय-समय पर व्यवहारिक गाइड्स जारी करेगा। इसकी शुरुआत सरकारी बैठकों के प्रभावी संचालन विषय से की जा रही है।

पत्र के अनुसार, अधिकांश सरकारी बैठकों में अक्सर देरी से शुरुआत होती है। बैठकें आवश्यकता से अधिक लंबी चलती हैं और स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाते। नई गाइड का उद्देश्य इन कमियों को दूर करना है।

कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से कहा है कि इस गाइड को अपने अधीन कार्यरत सभी अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। साथ ही राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों से भी आग्रह किया गया है कि वे राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण में इन व्यवहारिक सुधारों को शामिल करें।

जनता को क्या होगा फायदा

सरकारी बैठकों में लिए जाने वाले निर्णयों पर ही अधिकांश विकास कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े फैसले निर्भर करते हैं। यदि बैठकें समय पर और प्रभावी ढंग से होंगी तो योजनाओं का क्रियान्वयन भी तेज होगा और जनता को सेवाएं समय पर मिल सकेंगी।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 August 2026
भोपाल, रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में 9 माह की गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके गर्भस्थ शिशु की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से कुछ घंटे पहले कल्पना प्रसूति…
 29 August 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में जल्द ही करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।…
 29 August 2026
भोपाल, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर भोपाल में भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से 1…
 29 August 2026
भोपाल। भोपाल शहर के बीच 200 से अधिक राष्ट्रीय पक्षी मोरों के प्राकृतिक बसेरे को मोरों पर केंद्रित देश के सबसे बड़े एकीकृत बायोडायवर्सिटी पार्क की योजना तैयार की गई…
 29 August 2026
भोपाल। नेपाल स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गोसाईकुंड की धार्मिक यात्रा पर गए एक ही कुनबे के 29 श्रद्धालुओं के अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में लापता होने का हृदयविदारक…
 29 August 2026
 भोपाल। भोपाल सेंट्रल जेल ने शुक्रवार को रक्षाबंधन के लिए खास इंतजाम किए, जिसके तहत बहनें जेल परिसर के अंदर अपने भाइयों से मिल सकीं और उन्हें राखी बांध सकीं।…
 29 August 2026
भोपाल। राजगढ़ के ब्यावरा में पुल के तीखे मोड़ ने चार यात्रियों की जान ले ली। इस दुर्घटना ने राजधानी के ऐशबाग में बने करीब 90 डिग्री मोड़ वाले पुल…
 29 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की ऐसी कोई भी नियुक्ति नहीं होती है, जिसे लेकर विवाद न हो। कई बार नियुक्ति निरस्त करनी पड़ती हैं तो कुछ को समायोजित करके…
 29 August 2026
भोपाल। महज 32,792 रुपये की वसूली का विवाद खत्म होने में 47 साल लग गए। वर्ष 1979 में एमपी स्टेट एग्रो और पीडी महेश्वरी के बीच शुरू हुआ यह मामला…
Advt.