एमपी के सरकारी स्कूलों में 1 जुलाई से बदले नियम, शिक्षक ही नहीं अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होगी ऑनलाइन हाजिरी

Updated on 28-06-2026 01:01 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने उपस्थिति व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब तक ई-अटेंडेंस (E-Attendance Mandatory) केवल शिक्षकों के लिए लागू थी, लेकिन अब विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त अभिषेक सिंह ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी हमारे शिक्षक प्रणाली के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसके साथ ही अवकाश संबंधी जानकारी भी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य होगा।

सभी स्तरों पर लागू होगी ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था

नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि E-Attendance प्रणाली अब स्कूल शिक्षा विभाग के सभी स्तरों पर समान रूप से लागू होगी। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों की उपस्थिति की बेहतर निगरानी करना है।

एक जुलाई 2026 से पूरी व्यवस्था डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

इन कार्यालयों में लागू होगा नया नियम

DPI के आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों में लागू रहेगी। इसमें लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), राज्य शिक्षा केंद्र, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, जिला शिक्षा केंद्र और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं।

इन सभी स्थानों पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों को नियमित रूप से हमारे शिक्षक एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही अवकाश से जुड़ी जानकारी भी इसी प्रणाली में अपडेट करनी होगी।

कार्यालय प्रमुखों की तय की गई जिम्मेदारी

डीपीआई ने आदेश में संबंधित कार्यालय प्रमुखों और प्रशिक्षण संस्थान प्रमुखों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीन कार्यरत सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करें।

यदि किसी स्तर पर व्यवस्था के पालन में लापरवाही सामने आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख की होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

शिक्षक संगठनों ने फैसले का किया स्वागत

इस निर्णय का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। शासकीय शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि संगठन लंबे समय से मांग कर रहा था कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी लागू होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी स्तरों पर जवाबदेही तय होगी।



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