1983 की वो शाम, जब भोपाल में तीजन बाई ने तोड़ी सदियों पुरानी परंपरा; मंच पर खड़ी होकर पंडवानी गाई तो मंत्रमुग्ध हो गया था भारत भवन

Updated on 06-07-2026 12:15 PM
भोपाल। प्रख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से अलंकृत तीजन बाई का 5 जुलाई को लंबी अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। भोपाल से उनका गहरा नाता रहा है। वे कई बार यहां प्रस्तुति देने आईं। 'लोकरंग- 2021' के तहत रवींद्र भवन में उनकी अंतिम प्रस्तुति हुई थी।

उसी वर्ष अक्टूबर में मप्र जनजातीय संग्रहालय के एक परिसंवाद में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में व्याख्यान भी दिया था। इससे पूर्व भारत भवन में भी उनकी कई कालजयी प्रस्तुतियां हुईं।

पहली बार पंडवानी गाई

मप्र जनजातीय संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष अशोक मिश्र ने एक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वर्ष 1983 में (13 से 16 जून) भारत भवन में आयोजित पंडवानी केंद्रित उत्सव में 14 जून को तीजन बाई ने पहली बार पंडवानी की 'वेदमती' एवं 'कपालिक' शाखाओं का अद्भुत समन्वित प्रस्तुतीकरण किया था।
जहां वेदमती परंपरा के अधिकांश कलाकार बैठकर गायन-अभिनय करते थे, वहीं तीजन बाई ने मंच पर खड़े होकर अपनी सशक्त प्रस्तुति से इस परंपरा को नवीन आयाम दिए।

अविस्मरणीय बन गया प्रस्तुतिकरण

कपालिक शैली की विशिष्टता के अनुरूप उन्होंने लोक-प्रचलित किंवदंतियों एवं स्थानीय ऐतिहासिक स्मृतियों को मूल महाभारत आख्यान के साथ इस प्रकार संयोजित किया कि कथा की मूल गरिमा अक्षुण्ण बनी रही।पांडवों के राजसूय यज्ञ से लेकर वनवास तक की कथा का उनका प्रस्तुतीकरण अपनी प्रभावशीलता एवं नाटकीयता के कारण अविस्मरणीय माना जाता है। द्रौपदी चीरहरण जैसे मार्मिक प्रसंगों के चित्रण में उनकी करुणाभिव्यक्ति विशेष रूप से उल्लेखनीय थी।
उनकी द्रौपदी कोई अलौकिक नायिका नहीं, बल्कि लोकजीवन से जुड़ी एक संवेदनशील, संघर्षशील एवं सहज स्त्री के रूप में उभरती थी, जिसमें छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की सजीव झलक परिलक्षित होती थी। उनकी करुण स्वर-लहरियों और छत्तीसगढ़ी लोकधुनों के मार्मिक संयोजन ने महाभारत की स्त्री-पात्रों की वेदना को अत्यंत प्रभावशाली रूप में अभिव्यक्ति प्रदान की।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

तीजन बाई का महाप्रयाण भारतीय लोककला एवं सांस्कृतिक जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। मप्र शासन के संस्कृति विभाग, वरिष्ठ कला समीक्षक विनय उपाध्याय, कलाकारों और कला प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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