नई दिल्ली: लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान पाकिस्तान टीम के कोच सरफराज अहमद और खिलाड़ियों को पीसीबी की उस धमकी का कोई अंदाजा नहीं था जिसमें उन्होंने स्काई स्पोर्ट्स पर इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू के प्रसारण पर मैच और सीरीज का बहिष्कार करने की बात कही थी। पहले टेस्ट मैच के पहले दिन लंच ब्रेक के समय तब विवाद गहरा गया जब स्काई स्पोर्ट्स ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम का एक इंटरव्यू प्रसारित किया।पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दी धमकी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस इंटरव्यू के प्रसारण पर सख्त ऐतराज जताया था और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को चेतावनी दी थी कि वे लॉर्ड्स टेस्ट बीच में छोड़कर दौरा रद्द कर सकते हैं। दरअसल, इमरान खान पिछले तीन सालों से जेल में हैं और उनके बेटों ने पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल एथरटन को दिए इंटरव्यू में अपने पिता की सुरक्षा उनकी सेहत और ब्रिटेन सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे।बीच टेस्ट में हुआ बड़ा बवाल
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं जिससे यह पूरा वाकया खेल के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील हो गया। विवाद को देखते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रीय प्रसारक (PTV) ने देश में मैच के दौरान इस इंटरव्यू के हिस्से का प्रसारण नहीं किया। वहीं दूसरी ओर, इस तमाम ड्रामे और बैकग्राउंड में चल रही खींचतान के बावजूद पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी वापसी की और खेल बिना किसी रुकावट के जारी रहा।
सरफराज अहमद के बयान से सब हैरान
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेड कोच सरफराज अहमद से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम से पल्ला झाड़ते हुए कहा, 'मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं मालूम है। मेरा पूरा ध्यान सिर्फ मैच पर केंद्रित है। आप जिस इंटरव्यू की बात कर रहे हैं हमें उस इंटरव्यू के बारे में कोई जानकारी नहीं है।'
'हम तो खाना खा रहे थे'
जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या लंच के बाद खिलाड़ियों के मैदान पर न लौटने की कोई गुंजाइश थी तो सरफराज ने बेहद सहज अंदाज में जवाब दिया, 'सब कुछ बिल्कुल ठीक है। हम तो उस वक्त आराम से खाना खा रहे थे।' सरफराज के इस बयान से साफ हो गया कि ड्रेसिंग रूम के अंदर इस विवाद की कोई आंच नहीं पहुंची थी।