काठमांडू: नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ से अब 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोगों का अभी तक पता नहीं चल पा रहा है। बाढ़ के बाद पानी और मलबा इतने वेग से आया कि पूरे के पूरे गांव और बुनियादी ढांचे को साथ बहा ले गया। सोशल मीडिया पर बाढ़ के दौरान की तस्वीरें और वीडियो आए हैं, जिसमें पुल से लेकर इमारतें बहती दिखाई दे रही हैं। इन सबके बीच एक मकान ने सभी को हैरान कर दिया है। भयानक बाढ़ के बीच यह मकान पूरी तरह सुरक्षित रहा जिसका वीडियो देखकर सभी हैरान है। अब एक्सपर्ट ने इस मकान के बचने की वजह बताई है।भयानक बाढ़ के बीच खड़ा रहा घर
यह मकान वीडियो तिब्बत सीमा के पास बसे एक नेपाली गांव का है, जहां 26 अगस्त बुधवार को बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी। बुधवार सुबह जब नदी में जलसैलाब आया तो उसमें यह पूरा गांव लगभग बह गया था। लेकिन इसी बाढ़ का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उफनाती नदी के पानी से टकराकर एक फिरोजी रंग का घर खड़ा है। घर की छत पर लोग टहल रहे हैं, जबकि आस-पास घर और गाडियां पानी में खिलौनों की तरह बह रहे हैं।सभी यह देखकर हैरान हैं कि आखिर इस बाढ़ के बीच घर कैसे बचा रहा। इंजीनियर और स्लीपी क्लासेज IAS के को-फाउंडर शेखर दत्त ने अब इसकी वजह समझाई है। उन्होंने बताया कि इस तरह के घर में प्लिंथ (बुनियाद), कॉलम (पिलर) और बीम (छत) से बना फ्रेम होता है। नेपाल में इसे पिलर वाला घर कहते हैं।
एक्सपर्ट ने बताई पिलर और बीम की अहमियत
शेखर दत्त ने बताया कि सबसे पहले पिलर आता है, जो सबसे ज्यादा जरूरी है। लेकिन कई बार पानी के साथ भारी मलबा आने से ग्राउंड फ्लोर के पिलर टूट जाते हैं, तब इमारतें गिर जाती हैं। इसलिए बीम की मजबूती बहुत जरूरी है। वे कॉलम यानी पिलर को एक पिंजरे की तरह आपस में जोड़ते हैं। अगर कोई पिलर डैमेज हो जाता है तो भी बीम-कॉलम फ्रेम लोड को संभाल सकता है
घर की बुनियाद की मजबूती भी जरूरी
उन्होंने प्लिंथ यानी बुनियाद की मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि बहता पानी घर के नीचे की मिट्टी को खोदकर निकालने की कोशिश करता है। ऐसे में ऊंचा और अच्छी तरह से जुड़ा हुआ प्लिंथ कटाव को कम करता है और मलबे के साथ बहते पानी की रगड़ से बचाया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि नेपाल के घर में इसके स्ट्रक्चर ने मदद की लेकिन घर की किस्मत भी अच्छी थी। पानी का बहाव घर के अंदर घुसने के बजाय आस-पास से निकल गया।