'खुद 200 साल कोयला जलाया और अब हमें ज्ञान', लंदन में CJI सूर्यकांत ने पश्चिमी देशों को सुना दिया

Updated on 29-08-2026 12:21 PM
लंदन: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत ने कॉमनवेल्थ देशों से कहा कि यह गलत है कि जिन औद्योगिक देशों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में दो सदियां लगीं वे अब औद्योगीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहे देशों से कुछ ही दशकों में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) की ओर बढ़ने के लिए कह रहे हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस दौरान पश्चिमी देशों को भारत को ज्ञान देने के लिए सुना दिया।

लंदन में कॉमनवेल्थ सचिवालय में बोलते हुए CJI कांत ने कहा 'जो देश अब औद्योगीकरण की ओर बढ़ रहे हैं उनसे तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ने के लिए कहा जा रहा है और जब वे उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाते तो अक्सर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है। इसके उलट जो देश इस बदलाव के लिए जोर दे रहे हैं उन्होंने खुद को मजबूत बनाने में दो सदियां कोयले और तेल पर निर्भर रहकर बिताई हैं।'

CJI सूर्यकांत ने राष्ट्रमंडल बैठक में उठाई आवाज

CJI सूर्यकांत ने आगे कहा 'क्लाइमेट जस्टिस पर पॉलिसी डायलॉग' के लिए 56 देशों के साझा मंच को संबोधित करते हुए CJI ने कहा कि कॉमनवेल्थ देशों का स्वच्छ ऊर्जा की ओर सामूहिक बदलाव कॉपर, कोबाल्ट और लिथियम पर निर्भर करता है और इनके खनन के पर्यावरणीय और सामाजिक परिणाम होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे विकासशील देशों को अवास्तविक गति से स्वच्छ ऊर्जा की ओर धकेलने से समाधान के बजाय और अधिक चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

जस्टिस कांत ने कहा 'इसलिए चुनौती यह है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव की तात्कालिकता और निष्पक्षता और साझा जिम्मेदारी के सिद्धांतों के बीच संतुलन बनाया जाए जो इस प्रक्रिया का आधार होने चाहिए।' उन्होंने कहा कि भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने पर्यावरण, पारिस्थितिकी और लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जाम्बिया के हाई कोर्ट का उदाहरण दिया, जिसने पानी को प्रदूषित करने के लिए एक कॉपर माइनिंग कंपनी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ देश एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर आसान बदलाव की कोशिशों को मजबूत कर सकते हैं ताकि उनकी आबादी को भारी कीमत न चुकानी पड़े।


क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर पश्चिमी देशों को दिया करारा जवाब

उन्होंने कहा 'हमें हर उस देश में अलग कानूनी शब्दावली विकसित करने की जरूरत नहीं है जहां जलवायु से जुड़ा कोई मामला कोर्ट में पहुंचता है। इसके बजाय कोर्ट को कॉमनवेल्थ में कहीं और उपयोगी साबित हुए विचारों, तरीकों और समाधानों को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए साथ ही उन्हें अपने संवैधानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय हालात के अनुसार सावधानीपूर्वक ढालना चाहिए।' CJI कांत ने कहा 'कोर्ट को ऐसे समाधान खोजने के लिए तैयार रहना चाहिए जो विकास की जायज जरूरतों को नजरअंदाज किए बिना पर्यावरण की रक्षा करें और यह समझना चाहिए कि इन दोनों को हमेशा ऐसे विकल्पों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए जिनमें एक को दूसरे पर जीत हासिल करनी हो।'

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत से सिंधु जल संधि के तहत तकनीकी बातचीत और पानी से जुड़े डेटा को शेयर करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का…
 29 August 2026
काठमांडू: नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ से अब 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोगों का अभी तक…
 29 August 2026
लंदन: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत ने कॉमनवेल्थ देशों से कहा कि यह गलत है कि जिन औद्योगिक देशों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में दो सदियां लगीं वे अब…
 29 August 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तान सिंधु जल संधि को लेकर लगातार रो रहा है। पाकिस्तान के नेता और डिप्लोमेट्स लगातार इस मामले को इंटरनेशनल बनाने में जुटे हैं जबकि भारत ने साफ शब्दों…
 27 August 2026
काठमांडू: नेपाल में बुधवार सुबह आए जलसैलाब ने कुछ ही समय में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले से शुरू हुई बाढ़ भोटेकोशी नदी में तेजी…
 27 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के दौरान एक पाकिस्तानी रेंजर की मौत के बाद हालात फिर से बिगड़ गये हैं। पीओके की पुलिस ने बताया…
 27 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है 'हिमालय में जो कुछ भी पिघलता है वह समुद्र के जलस्तर को बढ़ाता है।' उन्होंने हिमालय के नाजुक पर्यावरण से…
 27 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात अब पाकिस्तानी सेना के कंट्रोल से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के ताबड़तोड़ हमलों ने पाकिस्तानी फौज को…
 27 August 2026
न्‍यूयॉर्क: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के न्‍यूयॉर्क में कार्यक्रम का मेयर जोहरान ममदानी के विरोध करने पर अमेरिकी हिंदू भड़क उठे हैं। द हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF)…
Advt.