UNSC में पाकिस्तान ने भारत की स्थायी सीट की दावेदारी का किया विरोध, शहबाज के दूत ने संयुक्त राष्ट्र में जताया डर

Updated on 18-08-2026 06:06 PM
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा है कि उनके पड़ोसी देश (भारत) के पास सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट का दावा करने के लिए 'कोई योग्यता नहीं' है। पाकिस्तान टीवी डिजिटल के शो 'साउथ स्पीक्स विद साकिब' में बोलते हुए अहमद ने कहा कि परिषद में सीट चाहने वाले देशों के वोटिंग रिकॉर्ड, सुरक्षा परिषद के पिछले प्रस्तावों का पालन और UN चार्टर के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की जांच की जाती है।

उन्होंने कहा 'ऐसे कई देश हैं जिनमें जाहिर तौर पर हमारा पड़ोसी देश भी शामिल है जिनके पास सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावा करने के लिए भी कोई योग्यता नहीं है।' पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील के G4 समूह की ओर से नई स्थायी सीटों की मांग ही वह वजह है जिसने दो दशकों से सुधारों को रोक रखा है। उन्होंने कहा 'यह इस पूरी प्रक्रिया से एक खास विशेषाधिकार मांगने जैसा है। हमारा मानना ​​है कि यह एक अनुचित मांग है और न सिर्फ अनुचित बल्कि यह अव्यावहारिक भी है।'

UNSC की रेस में भारत के नाम से क्यों डर रहा पाकिस्तान?

पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत यूएनएससी का सदस्य बन जाता है तो भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के कई काम को भारत रोकेगा। जैसे सूडान में यूएन की आपत्तियों के बावजूद पाकिस्तान ने हथियार सप्लाई की है। पाकिस्तानी दूत ने कहा कि गाजा और यूक्रेन जैसे संकटों पर परिषद का बार-बार ठप पड़ जाना पांच स्थायी सदस्यों के रुख और उनके वीटो के इस्तेमाल का नतीजा है।

उन्होंने कहा 'अगर पांच स्थायी सदस्यों के रुख की वजह से परिषद अक्सर गतिरोध का शिकार हो जाती है तो आप सोच सकते हैं कि अगर मौजूदा पांच सदस्यों के बजाय आठ, नौ या 10 स्थायी सदस्य हों तो यह और भी ज्यादा ठप हो जाएगी।' अहमद ने कहा कि और वीटो रखने वाले सदस्य जोड़ने का मतलब है 'और ज्यादा समस्याएं।'

भारत स्थायी सदस्यता हासिल करने की कर रहा कोशिश

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी 21वीं सदी की वैश्विक वास्तविकताओं के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों और विस्तार पर आधारित है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था होने के नाते परिषद में स्थायी सीट का मजबूत दावेदार है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हैं जबकि चीन इकलौता विरोधी है। चीन के वीटो की वजह से यूएनएससी में भारत को स्थायी सदस्यता नहीं मिल पाती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत से सिंधु जल संधि के तहत तकनीकी बातचीत और पानी से जुड़े डेटा को शेयर करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का…
 29 August 2026
काठमांडू: नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ से अब 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोगों का अभी तक…
 29 August 2026
लंदन: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत ने कॉमनवेल्थ देशों से कहा कि यह गलत है कि जिन औद्योगिक देशों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में दो सदियां लगीं वे अब…
 29 August 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तान सिंधु जल संधि को लेकर लगातार रो रहा है। पाकिस्तान के नेता और डिप्लोमेट्स लगातार इस मामले को इंटरनेशनल बनाने में जुटे हैं जबकि भारत ने साफ शब्दों…
 27 August 2026
काठमांडू: नेपाल में बुधवार सुबह आए जलसैलाब ने कुछ ही समय में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले से शुरू हुई बाढ़ भोटेकोशी नदी में तेजी…
 27 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के दौरान एक पाकिस्तानी रेंजर की मौत के बाद हालात फिर से बिगड़ गये हैं। पीओके की पुलिस ने बताया…
 27 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है 'हिमालय में जो कुछ भी पिघलता है वह समुद्र के जलस्तर को बढ़ाता है।' उन्होंने हिमालय के नाजुक पर्यावरण से…
 27 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात अब पाकिस्तानी सेना के कंट्रोल से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के ताबड़तोड़ हमलों ने पाकिस्तानी फौज को…
 27 August 2026
न्‍यूयॉर्क: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के न्‍यूयॉर्क में कार्यक्रम का मेयर जोहरान ममदानी के विरोध करने पर अमेरिकी हिंदू भड़क उठे हैं। द हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF)…
Advt.