
इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली यह टास्क फोर्स खास तौर पर एनटीए की परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा, परीक्षा डिजाइन और व्यवस्था में सुधार पर काम कर रही है।
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, टास्क फोर्स का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी, निष्पक्ष और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।
इसमें परीक्षा में गड़बड़ी रोकने, संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने, तकनीक के इस्तेमाल और छात्रों की परेशानियां कम करने जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए जा रहे हैं।
13 सितंबर तक दे सकते हैं सुझाव
सुझाव 13 सितंबर तक अंग्रेजी, हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं में दिए जा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने वेबसाइट, फोन, वॉट्सऐप और ईमेल के जरिए सुझाव भेजने की व्यवस्था की है।
सुझाव examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा 1800-180-4747 पर फोन करके या 7827042830 पर वॉट्सऐप में ‘hptf’ लिखकर भी राय दी जा सकती है।
इन सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी सिफारिशें देगी।
जुलाई में बनी नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स
केंद्र ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स जुलाई में बनाई थी। इसका गठन जंतर-मंतर पर पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर हुए छात्रों के विरोध के बीच किया गया था।
टास्क फोर्स में नीलेकणि के अलावा पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।