नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से वेतन बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी हुई तो कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है। खासतौर पर यह सवाल अहम है कि एरियर सिर्फ बेसिक पे पर मिलेगा या महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) जैसे भत्तों पर भी लागू होगा।पिछले वेतन आयोगों के पैटर्न को देखें तो आमतौर पर कर्मचारियों को एरियर मुख्य रूप से बेसिक पे पर मिलता है। डीए, एचआरए और टीपीटीए जैसे फिक्स्ड या पॉलिसी आधारित भत्तों पर एरियर तभी मिलता है, जब सरकार इसके लिए अलग से घोषणा करे। ऐसे में 8वें वेतन आयोग में भी अगर सिर्फ बेसिक सैलरी पर एरियर मिला, तो लागू होने में देरी से कर्मचारियों को करीब 3.45 लाख रुपये तक का संभावित एरियर नुकसान हो सकता है।भत्तों का गणित और एरियर की सीमा
महंगाई भत्ता (DA): यह मूल वेतन पर आधारित है और हर छह महीने पर संशोधित होता है। आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी DA में बढ़ोतरी जारी रहती है। इसलिए इसका एरियर नहीं मिलता।
एचआरए (HRA): एचआरए बेसिक सैलरी के निश्चित प्रतिशत के रूप में तय होता है। नए वेतन आयोग में एचआरए की दरें रिवाइज होती हैं, लेकिन कर्मचारियों को इस बढ़े हुए दर का पिछला एरियर नहीं दिया जाता।
परिवहन भत्ता (TPTA): यह पद और शहर के आधार पर तय होता है। 8वें वेतन आयोग में दरें रिवाइज होंगी, लेकिन नए दरों का पिछला अंतर कर्मचारियों को एरियर के रूप में मिलना मुश्किल है।