तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन, Cipla कंपनी की पुणे यूनिट का ड्रग लाइसेंस रद्द, दवाइयों में मिली थीं गंभीर गड़बड़ियां
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29-08-2026 12:35 PM
नई दिल्ली: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की कार्रवाई जारी है। फूड कंपनियों पर एक्शन लेने के साथ अब दवा कंपनी भी उनके निशाने पर आ गई है। एफडीए ने दवा निर्माता कंपनी सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की पुणे स्थित कैरी एंड फॉरवर्डिंग (C&F) यूनिट का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया है।नियामकीय निकाय के अनुसार, यह कार्रवाई रिएक्टिन प्लस टैबलेट्स के स्टोरेज, पैकेजिंग और बाजार से दवा वापस मंगाने की प्रक्रियाओं में पाई गई गंभीर अनियमितताओं के कारण की गई है। एफडीए के मुताबिक, लाइसेंस रद्द करने का आदेश 27 अगस्त से प्रभावी हो गया है। यह कार्रवाई पुणे जिले के वाडकी स्थित कंपनी के मुख्य वेयरहाउस में की गई जांच के बाद हुई।1. अनधिकृत दावा और जब्ती- इस साल जून के आसपास किए गए शुरुआती निरीक्षण के दौरान एफडीए अधिकारियों ने पाया कि रिएक्टिन प्लस (शेड्यूल H की एक प्रिस्क्रिप्शन दवा) की पैकेजिंग पर अनधिकृत रूप से एनाल्जेसिक और एंटीपायरेटिक (दर्द निवारक और बुखार रोधी) लिखा हुआ था।
- एफडीए के अनुसार, इस तरह का प्रमोशनल दावा दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का उल्लंघन है।
- नियम उल्लंघन पाए जाने पर एफडीए ने 11.19 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया था।
2. बाजार से दवा वापस मंगाने में विफलता - शुरुआती जांच के बाद नियामक ने कंपनी को इस भ्रामक पैकेजिंग वाली दवा को बाजार से वापस मंगाने (रिकॉल) का आदेश दिया था।
- एफडीए के अनुसार कंपनी इस निर्देश का पूरी तरह से पालन करने में असमर्थ रही।
3. स्टोरेज और रिकॉर्ड में गड़बड़ी
- एफडीए के निरीक्षण में कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक के बीच अंतर पाया गया।
- इसके अलावा खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां सामने आईं।
- दवाइयों को रैक्स के बजाय सीधे जमीन पर रखने और एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण में गंभीर लापरवाही देखी गई।
कंपनी को जारी किया गया नोटिस
इन अनियमितताओं के बाद एफडीए ने लाइसेंसधारी कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी किया। कंपनी की ओर से दिए गए जवाब की समीक्षा करने के बाद नियामक ने पाया कि बताई गई कमियों और रिकॉल से जुड़े निर्देशों का पर्याप्त तरीके से समाधान नहीं किया गया था। इसके बाद एफडीए ने Cipla की पुणे स्थित C&F यूनिट का ड्रग बिक्री लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया।