नहीं पड़ेगी इथेनॉल मिलाने की जरूरत, सस्ते में मिलेगा शुद्ध पेट्रोल पर आ जाएगा कच्चा तेल

Updated on 11-07-2026 12:45 PM
नई दिल्ली: इथेनॉल मिले पेट्रोल यानी E20 को लेकर इन दिनों पूरे देश में तेज बहस चल रही है। कुछ लोगों की शिकायत है कि इससे गाड़ियों का इंजन खराब हो रहा है और माइलेज में कमी आ रही है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के तीन मुख्य कारण हैं। इससे महंगे कच्चे तेल के आयात में कटौती होती है, किसानों की आय बढ़ती है और ग्रीनहाउस गैस एवं पार्टिकुलेट एमिशन में कमी आती है। लेकिन ईरान युद्ध के कारण इसमें से एक समस्या का समाधान हो सकता है। वह है कच्चे तेल की कीमत में गिरावट। इससे देश का क्रूड बिल कम हो सकता है।

2025-26 में भारत ने 123.10 अरब डॉलर का कच्चा तेल मंगाया था। इस साल ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी। कई महीनों तक यह 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहा था और अभी 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। लेकिन ईरान युद्ध ने दुनिया के सबसे ताकतवर ऑयल कार्टेल ओपेक में चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया। यूएई इससे बाहर निकल चुका है और यह संगठन अब अपने वजूद को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

उत्पादन बढ़ाने की मांग

ओपेक के कुछ देश ईरान युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इससे उत्पादन कोटा को लेकर पुराने झगड़े फिर से शुरू हो गए हैं। इन्हीं झगड़ों की वजह से यूएई ने 70 साल पुराने इस संगठन को अप्रैल में छोड़ दिया था। इसे छोड़ने के साथ ही उसने अपना प्रोडक्शन काफी बढ़ा लिया है। ओपेक की दुविधा यह है कि अगर वह एकजुट रहता है तो तेल की कीमत काफी कम हो जाएगी और अगर मुनाफा बढ़ाता है तो फिर उसके बिखरने का जोखिम हैईरान युद्ध के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से ईरान, इराक और कुवैत जैसे देशों के पास उत्पादन रोकने और इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं था। अब उनमें उत्पादन कोटा के लिए खींचतान शुरू हो गई है। इस ग्रुप का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश इराक का कहना है कि अगर उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हुई तो वह ओपेक की मेंबरशिप की समीक्षा कर सकता है। युद्ध से इराक का उत्पादन सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

भारत को मिलेगी राहत?

जानकारों का कहना है कि अगर ओपेक देश प्रोडक्शन बढ़ाते हैं तो तेल की कीमतें गिर सकती हैं। अगले साल तेल की कीमत $60 हो सकती है और 2028 में $50 या 40 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती है। यह उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर होगी। इससे खासकर भारत को काफी फायदा होगा जो अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी तेल आयात करता है। कच्चे तेल का रेट कम होने से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में भी गिरावट आ सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 August 2026
नई दिल्ली: कल शुक्रवार को मेन बोर्ड से टेम्पसैंस इंस्ट्रूमेंट्स का आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट हुआ। इसने लिस्टिंग पर ही निवेशकों को करीब 110 फीसदी मुनाफा दिया। बाद में…
 29 August 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से वेतन बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी हुई तो कर्मचारियों को मिलने वाले…
 29 August 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में संपत्ति के बंटवारे और मालिकाना हक को लेकर होने वाले कानूनी विवादों को कम करने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।…
 29 August 2026
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर और कुछ अन्य शहरों में सीएनजी और पीएनजी सप्लाई करने की जिम्मेदारी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को है। इस कंपनी ने सीएनजी के दाम में 3.89 रुपये…
 29 August 2026
नई दिल्ली: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की कार्रवाई जारी है। फूड कंपनियों पर एक्शन लेने के साथ अब दवा कंपनी भी उनके निशाने पर आ…
 29 August 2026
नई दिल्ली: देश में इथेनॉल को बढ़ावा देने से चीनी के बाद अब दूध भी असर दिखाई देगा। दरअसल, मुंबई में दूध की कीमत 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई…
 27 August 2026
नई दिल्ली: एक्सपोर्ट के मोर्चे पर अच्छी खबर है। भारत से गुड्स का एक्सपोर्ट इस फाइनेंशियल ईयर में $200 बिलियन पहुंच गया है। 21 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक…
 27 August 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया का बढ़ता घाटा सिंगापुर के लिए भी सिरदर्द बन गया है। इसकी गूंज सिंगापुर की संसद तक पहुंच सकती है। एयर इंडिया…
 27 August 2026
नई दिल्ली: भारत में हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग (HFT) कंपनियां इंटर्न्स को रेकॉर्ड तोड़ पैसा ऑफर कर रही हैं। शेयर बाजार में सुस्ती और डेरिवेटिव्स के कड़े नियमों के बीच, ये कंपनियां…
Advt.